مُردم، امشب.

مُردم، امشب.
من برای اوّلین و آخرین بار مُردم.
عشق مرد “ناشناس” داس اجل؟
این چه مرگ بی‌محل؟
این چه ساده رفتن و احساس باطل؟
مُرد دل!

سرنوشتم را به رنگ سیپسیاه
آه، بینویشتند آخر اشتباه!؟
من به رنگ سپسفید عادت نکردم،
درد، آه ، درد، آه، درد، آه!

ای شناس ناشناس،
ای مرد خودخواه!
دسته‌گلهای شقایق شد کجا؟
کو شقایق،
کست عاشق؟؟؟
آمدی و بسته شد دست امید،
پابزنجیر است بختم ، ناسفید.
ما و تو هستیم گویا محبسی،
در سرای بی‌کسی،
نیم‌نگاه ما به دست ناکسی؟!

ناامیدی سخت دشوار است ،
سرنوشتم باز تکرار است؟
انقلابی‌ام!
روح پازولانه‌ام در دست آزار است.
قالبی بودن چه درکار است؟. .

آمدی؟
خوش آمدی!
از بهر کُشتن؟
زحمتت بیهوده نیست!
این زن ن-آسوده می‌دان، سخت بیمار است!
سخت بیمار است!

شاعرة رحیم‌جان

Мурдам,имшаб.
Ман барои аввалину охирин бор мурдам.
Ишқи марди “ношинос” доси аҷал?
Ин чи марги бемаҳал?
Ин чи сода рафтану эҳсоси ботил?
Мурд дил!

Сарнавиштамро ба ранги сипсиёҳ
Оҳ, бинвиштанд охир иштибоҳ!?
Ман ба ранги сапсафед одат накардам,
Дард, оҳ , дард, оҳ, дард,ОҲ!

Ай шиноси ношинос,
Ай марди худхоҳ!
Дастагулҳои шақоиқ шуд куҷо?
Ку шақоиқ,
Куст ошиқ???
Омадиву баста шуд дасти умед,
Побазанҷир аст бахтам ,носафед.
Мову ту ҳастем гуё маҳбасӣ,
Дар сарои бекасӣ,
Нимнигоҳи мо ба дасти нокасе?!

Ноумедӣ сахт душвор аст ,
Сарнавиштам боз такрор аст?
Инқилобиям!
Руҳи позавлонаам дар дасти озор аст.
Қолабӣ будан чи даркор аст?..

Омадӣ?
Хуш омадӣ!
Аз баҳри куштан ?
Заҳматат беҳуда нест!
Ин зани н-осуда медон, сахт бемор аст!
Сахт бемор аст!

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